Saturday, May 2, 2015

ऐ खुदा गुजरा हूँ मै दर्द-ए-मुश्किल दौरसे....

ऐ खुदा गुजरा हूँ मै
दर्द-ए-मुश्किल दौरसे ।
बात अब मेरा सनम
सुनता कहाँ है गौरसे ?

रात-दिन रोता हूँ मै,
आजकल उसके लिए ।
प्यार मै करता हूँ उससे ,
और वो किसी औरसे ।।

        कवी : - श्रीकांत चवरे
           9595374741

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