ऐ खुदा गुजरा हूँ मै दर्द-ए-मुश्किल दौरसे । बात अब मेरा सनम सुनता कहाँ है गौरसे ?
रात-दिन रोता हूँ मै, आजकल उसके लिए । प्यार मै करता हूँ उससे , और वो किसी औरसे ।।
कवी : - श्रीकांत चवरे 9595374741
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