मै क्या करू के तुझे यकीन हो
तुम मेरे खयालसे हसीन हो
ये जिंदगी उदास रोज थी वही
उन्हीं गमोंमे भी ये मौज थी वही
आज तुम नसीब मे नवीन हो...
तुम मेरे खयालसे हसीन हो...
बंद आखोंसे तुझको देख लूं
भीड़ मे भी मन ही मन मै सोच लू
तुम मेरे गज़लो की जमीन हो
तुम मेरे खयालसे हसीन हो ।
-- श्रीकांत चवरे
06_03_2016