Saturday, March 12, 2016

जिंदगी थमसी गई थी ...

जिंदगी थमसी गई थी,
आज वो बहने लगी ...!
आजतक खामोश थी जो
बात वो कहने लगी ...!

कलभी तो आराम ही था
यादो में जब तू नही था !
वो अकेलापन सनम रे,
बेवजा लगता सही था !

अब तेरे आनेसे राते
मिठीसी रहने लगी ...!!
जिंदगी थमसी गई थी,
आज वो बहने लगी ...!

                -श्रीकांत चवरे

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