जिंदगी थमसी गई थी,
आज वो बहने लगी ...!
आजतक खामोश थी जो
बात वो कहने लगी ...!
कलभी तो आराम ही था
यादो में जब तू नही था !
वो अकेलापन सनम रे,
बेवजा लगता सही था !
अब तेरे आनेसे राते
मिठीसी रहने लगी ...!!
जिंदगी थमसी गई थी,
आज वो बहने लगी ...!
-श्रीकांत चवरे
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